Sunday, May 3, 2015
भगवान महावीर पर रोचक जानकारी
महावीर मुसलमान थे।
क्योंकि उनके पास मुकम्मल ईमान थे।
महावीर सिख थे।
क्योंकि वे सितम करने से ख़बरदार करते थे।
महावीर हिन्दू थे।
क्योंकि वे हिंसा से दूर थे
और सब जीवों से प्यार करते थे।
महावीर पारसी थे।
क्योंकि उनमें
संसार के पार देखने की क्षमता थी।
महावीर आर्यसमाजी थे।
क्योंकि उनमें सत्य के प्रति ममता थी।
हाँ, महावीर बुद्ध थे।
क्योंकि उनके उसूल दुर्बुद्धि के विरुद्ध थे।
…और हाँ!
महावीर इसाई भी थे
क्योंकि वे इंसानियत के साईं भी थे।
लेकिन, महावीर जैन थे।
…क्योंकि उनकी वाणी में
हमारी जिव्हा की तरह कटु बैन नहीं थे;
उनके हृदय में
श्वेताम्बर-दिगम्बर का झगड़ा न था;
उनके अन्तस् में
बीस और तेरह का रगड़ा न था;
वे नियम थोपते नहीं थे;
वे हिंसा रोपते नहीं थे;
वे नित नए धर्म गढ़ते नहीं थे;
वे लकीर के फ़क़ीर बनकर
लड़ते नहीं थे;
वे हमारी तरह ढोंगी नहीं थे;
वे दिन के जोगी
रात के भोगी नहीं थे;
वे तो आडम्बरों के बिन थे
सचमुच……..
मेरे महावीर जैन नही थे
….’जिन’ थे।
‘जिनस्य अनुयायी इति जैनः’
संकलनकरता
जैन सज्जन राज मेहता
EMPOWER OUR JAIN YOUTHS
Perfect way towards moving forward & rising against the tide in a modern democratic India is to EMPOWER the youth in our community to meet challenges and have sustained development with Jain principles... Nobody wants to be left behind. This calls for an innovative social measure..JAIN YUVA SANGATHAN NEVER MISSES THE GOLDEN OPPORTUNITY FOR THE WELFARE OF JAIN COMMUNITY AND JAINISM AND THUS WE ARE ARRANGING THIS NOBLE PROGRAMME..
Let us all join hands together to EMPOWER OUR JAIN YOUTHS.. Unity can alone be our strength. It is better late than never. So for all those aspiring, dynamic Jain youths, who are determined to go ahead and take the reins of our nation’s up-liftment into their own hands and thus become a glorious role model for all for years to come,
Kindly spread the word to everyone in your committee/area to help spread this initiative as far as possible. Have a great time ahead and wish you all peace and prosperity.
A life changing session with SRI JAIN RAHUL KAPUR..AN EMINENT SPEAKER,TRULY WORLD CLASS WITH A SOUND KNOWLEDGE OF JAINISM...
DATE-SUNDAY-MAY 24TH
VENUE-AMBEDKAR BHAWAN..NEAR CANTONMENT RAILWAY STATION
REGN & BREAKFAST-9AM TO 10AM
GATES CLOSED-10.10AM SHARP
LUNCH-1.30PM
To register sms
JYS your name, age, email id to 9664172929
Age limit 16-30
Jain Sajjan Raj Mehta
APPEAL TO HELP NEPAL BHUKAMP
प्रेस रिलीज
अपील
खागा अपनी व्यावसायिक जिम्मेदारिओं के अलावा सामाजिक जिम्मेवारिओं को आप सभी सदस्यों के तन -मन-धन से प्रदत्त सहयोग की बदौलत बखूबी निभाता आया है और रहेगा। नेपाल में हाल ही में आये भीषण भूकम्प और विनाशकारी तबाही हमारे सहयोग की आकांक्षी है तथा कार्यसमिति ने इस बार भी राहत सामग्री भेजने का महत्वपूर्ण बीड़ा उठाया है। आवश्यक कार्यवाही को आपके सहकार से शीघ्र ही अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
> >
> > सब सदस्यों से सविनय निवेदन है कि सदा की तरह आप सभी इच्छुक दानदाता आगे बढ़कर अपनी तरफ से उपयोगी रेडीमेड कपडे या नकद धनराशि खागा के पदाधिकारिओं को सम्पर्क कर प्रदान करावे। कर्म निर्जरा के अनूठे अनुष्ठान में अपनी दानराशि का सदुपयोग कर दींन ;दुखियों का दुख बांटकर पुण्यार्जन कर खागा को कृतार्थ करावे। खागा के पूर्व के राहत कार्य चाहे उड़ीसा ,लातूर,मंगलोर,राजस्थान या तामिलनाड सुनामी के वक्त के भागीरथ प्रयासों में आपका सहयोग, विश्वास और समर्थन प्रशंसनीय रहा है।
>
> हमारा अभियान - आपका समर्थन
>
> > निवेदक- क़र्नाटक हौजरी एंड गारमेंट एसोसिएशन
> >
>
> > संयोजक -नेपाल राहत समिति
सज्जन राज मेहता
9845501150
Sunday, December 21, 2014
गौ -ह्त्या निषेध पर राजनिति की रोटी सेकना हास्यास्पद
press-release
गौ -ह्त्या निषेध पर राजनिति की रोटी सेकना हास्यास्पद
कल कर्नाटक विधान सभा में पूर्व भाजपा सरकार द्वारा पारित गौ ह्त्या निषेध विधेयक २०१२ को वर्तमान कांग्रेस सरकार द्वारा वापिस लिया जाना दुर्भायपूर्ण है तथा समस्त जैन और हिन्दू समाज आक्रोशित और आंदोलित है तथा इसके दुष्परिणामों से गौ ह्त्या में बढ़ोतरी से विचलित भी है। हाल ही में पिछले माह में भी केंद्रीय और राज्ज्य सरकार से हमने समूचे हिन्दुस्तान में गौ हत्या निषेध की मांग की थी और ज्ञापन संलग्न है।
..एक एक गाय की निर्मम हत्या आने वाले कल को काफी भरी पड़ेगी..तमाम सामाजिक और धार्मिक संगठनो का यह पुनीत कर्त्तव्य है कि इस विधेयक को वापस लिए जाने का पुरजोर विरोध करे तथा शीघ्र ही पर नए सिरे से गौ ह्त्या निषेध हेतु आंदोलन को अंजाम दे। सभी राजनितिक दलों से करबद्ध प्राथना है कि इस विषय कतई ना हो तथा हम कर्नाटक सरकार के इस एकतरफा निर्णय की भर्तसना करते है।
सधन्यवाद
जैन सज्जन राज मेहता
सामाजिक कार्यकर्ता
---------- Forwarded message ----------
From: "Sajjanraj Mehta"
Date: 8 Oct 2014 09:29
Subject: समूचे हिंदुस्तान में भी गौ-हत्या निषेध कानून पारित हो
To: , , "cm" , "Chief Minister of Karnataka cm.kar" , ,
प्रेस-समाचार
समूचे हिंदुस्तान में भी गौ-हत्या निषेध कानून पारित हो
गौ विश्व क़ी माता है.
कटती गाय करे पुकार,बंद करो यह अत्याचार..
देश पर शासन वह करेगा जो गौ हत्या बंद करेगा..
सब सज्जनों क़ी यही पुकार,गौ हत्या अब नहीं स्वीकार
इश्वर की इस महान विभूति "गौ माता"को विकृत करने का हमें कोई अधीकार नहीं है और वह भी उदर-पोषण मात्र के लिए..कतई नहीं..सभ्य समाज का कोई नागरिक यह घोर अत्याचार kisi कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर पायेगा..कातरता से ताकते हुए पशुओकी हत्या या उन पर प्रहार मात्र भी न्रशुन्श्ता का परिचय है..इश्वरकी कृतियों को प्यार करना ही इश्वर की सबसे बड़ी आराधना है यदि हम केवल जीव मात्र के प्रति दया.करुणा,स्नेह आदि का व्यवहार करे तो भगवन हम पर प्रस्सन होंगे..कल्पना करे कि आज जो "सेव बाघ" कि धूम पुरे देश में मची है,वह कल गौ माता के लिए नहीं चलानी पड़े..एक एक गाय की निर्मम हत्या आने वाले कल को काफी भरी पड़ेगी..तमाम सामाजिक और धार्मिक संगठनो का यह पुनीत कर्त्तव्य है कि इस मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले और आरहे तमाम अवरोधों का विध्वंस कर दे ..जब सरकार इतनी दरिया-दिली दिखा रहो तो जन-जन का सहयोग इस सत्कार्य को भली-भांति अंजाम तक पहुंचा देगा वरना हाथ ही मलते रहजायेंगे..
सरकार से कर-बढ़ प्रार्थना है कि जन-हित में बन्दर घुड़कियों को तवज्जो कतई ना दे तथा देशहित को ध्यान में रखतेहुए पशु-धन की रक्षार्थ कठोरता से निर्णय को असली जामापहनाये..देश के निर्माण सूत्र में तीन शब्द महत्वपूर्ण है निर्णयन,उन्मूलन और संवर्धन..प्रधान मंत्रीजी जी को चाहिए कि सभीपक्षों को शांति-पूर्वक इस बारे में सहमति बनाने कि दशा में प्रेरितकरे और खुले दिल से बहस हो..सरकारे आती-जाती रहती है पर इसजीवन में सत्तासीन रहते हुए -हिन्दू संस्कृति कि रक्षा हेतु यदि हलाहल का उफनता प्याला भी पीना पड़े, आग के दरिया में भी कूदना पड़ जाए तो भी कभी नहीं हिचकिचाए..
आपके सानिध्य में यदि प्राण-दान के मूल्य पर भी हिंदुस्तान का मस्तक "गौ-हत्यानिषेध" के कारण विश्व के समक्ष ऊँचा कर पाएंगे तो आपका जीवनधन्य-धन्य हो जाएगा..गौ-माताओं को आपके द्वारा प्रदत यहअभय-दान हिंदुस्तान में स्वर्णाक्षरों में मढ़ा जाएगा..और फिरगौ-हत्या निषेध क़ी बात हिंदुस्तान में नहीं तो और कहाँ शोभनीयहोगी..महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंदजी ने ठीक ही फरमाया है; कि अहंकार शुन्य होकर एवं वैयक्तिक लाभ को ध्यान में नारखकर की गई समाज सेवा ही श्रेयस्कर है;
- .. :
आशा ही नहीं परम विशवास है कि महामहिम महोदय जनहित में कोई भी राजनितिक दबाव के आगे विपरीत फैसला नहीं सुनायेंगे और करोंडो गौ-प्रेमी बंधुओ कि दुआएं हासिल करेंगे..अहिंसा परमो धर्म ;..
छिद्रय्मय हो नाव,डग-मग चल रही मंज्धार में,
दुर्भाग्य से जो पड़ गई ,दुर्देव के अधिकार में,
तब शरण होगा कौन, जब नाविक दुबाड़े धार में,
संयोग सब अशरण ,शरण कोई नहीं संसार में..
धन्यवाद ...
पूर्व अध्यक्ष ..जैन युवा संगठन ..बन्गलोर
सामजिक कार्यकर्ता
9845501150
C.C.
TO
THE PRIME MINISTER
THE GOVERNOR,KARMNATAKA
THE CHIEF MINISTER,KARNATAKA
THE UNION FINANCE MINISTER
भारतीय जैन संगठन का युवक युवती परिचय सम्मलेन सुसम्पन्न
भारतीय जैन संगठन का युवक युवती परिचय सम्मलेन सुसम्पन्न
भारतीय जैन संगठन , बगलोर द्वारा जैन समाज के युवक - युवतियों का परिचय सम्मलेन ( केवल परा स्नातक एवं प्रोफेशनल स्नातक -POST GRADUATE & PROFESSIONAL GRADUATE ONLY ) बंगलौर में आज सवेरे 9 बजे से बी बी यू एल विद्यालय में आयोजित हुआ । राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रफ्फुल पारेख,राष्ट्रीय मंत्री राजेंद्र लुंकड , तामिलनाडु प्रभारी श्रीओम जी लुणावत ,कर्नाटक अध्यक्ष श्री गौतम बाफना ,तामिलनाडु अध्यक्ष ज्ञान जी आंचलिया , बंगलोर अध्यक्ष सुरेश धोका मंचासीन थे।रसीला बाई ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया तथा सभी मंचासीन अतिथिओ और कुमारपाल जी सिसोदिया,बाबूलाल पारख ,किशन जी कोठारी तथा कर्नाटक मंत्री सुरेश जीरावला तथा संयोजक ,परिचय सम्मलेन सज्जन राज मेहता ने दीप प्रज्ज्वलित किया।
बंगलोरे अध्यक्ष सुरेश धोका ने स्वागत भाषण तथा कर्नाटक अध्यक्ष गौतम बाफना ने संगठन के कार्य कलापों की जानकारी दी।समारोह में कुल 65 युवक युवतिओं ने हिस्सा लिया तथा हर युवक युवती ने आगे आकर राष्ट्रीयअध्यक्ष प्रफ्फुल पारेख के हर प्रश्न का सटीक जवाब दिया तथा समूची जानकारी उपलब्ध कराई। परिचय सम्मलेन क्यों और उसके क्या फायदे उस्के बारे में पूरा विवरण भी प्रफ्फुल भाई ने रखा। परिचय सम्मलेन का माहौल खुशनुमा बनाने में प्रफ्फुल पारख की भूमिका शानदार रही। सभी वक्ताओं ने परिचय सम्मलेन को आज के वर्तमान परिपेक्ष में समय की जरुरत बताते हुए संगठन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की ।
सभी अतिथिओ का स्वागत बंगलोरे कोषाध्यक्ष रमेश बोहरा,सह संयोजक पंकज कटारिया और पंकज मेहता,तथा कार्यकर्ता सुभाष गोटावत ,प्रवीण लालवानी आदि ने किया। कार्यक्रम का संचालन सज्जन राज मेहता ने तथा धन्यवाद बंगलोरे मंत्री विनोद पोरवाल ने ज्ञापित किया। सम्मलेन विशेष सफल रहा तथा बाद में युवक युवतिओं ने अपने परिजनों के साथ विशेष चर्चा कर बातचीत को आगे बढ़ाया। प्रतिभागी युवक युवतिओं ने हर संभव सहयोग का आश्वासन देते हुए संगठन कृतज्ञता व्यक्त की।
सधन्यवाद
जैन सज्जन राज मेहता
संयोजक
कर्नाटक परिचय सम्मलेन
09845501150
Sunday, October 12, 2014
ADVERSE IMPACT OF ONLINE SALES ON MSME ?
PRESS - RELEASE
ADVERSE IMPACT OF ONLINE SALES ON MSME ?
This feeling is on behalf of all businessmen who are in retail and semi whcolesale business. We businessmen are happy to see a person of positive energy and sprit as our Prime Minister. We dominate to 80% retail business in india as small and medium entrepreneurs and more than 20 crores are employed in such organisations..
Since last two years online business had started penetrating into the retail business with negative pricing being funded by foreign institutions to destablise businessmen like us. The scenerio is to such extent the online portal such as AMAZON / FLIPKART / SNAPDEAL /EBAY etc. have discounted the price to the tune of 30% from the wholesale landing price. These people are trying to spoil the total atmosphere of business. Intention may be anything ? These people are creating a vaccum for bigger retail store of foriegn investment. These people are driving innocent public of our country away from the small and medium store which is a back bone of Indian economy where people are self employed and provide employment to the tune of 30% of indian population.
In the name of FDI these people are entering in our economy spoiling the earning of our country and they will initially discount the prices and change the habit of customer and then these portals will be purchased by bigger international Giants and start making real profit thereafter and take our revenue to their country. They shall employ few lakhs of skilled employees, but what about crores of unskilled and semiskilled labourers whom we have provided employment. If this is going to continue we see a dark future...There will be only servants and labourers and no one can be entrepreneurs in our country in this scenario.. we shall be limited to only salaried class. Let us appeal to our beloved Prime Minister to take necessary action to arrest negative business being promoted by these online portals and save our country's valuable revenue being looted by these multinationals and so called antinationals who are killing this basic economy for their personal gains.
It's the right time for we MSME businessmen also to pledge that we will not sell our products through such portals who promote negative sales. We are the one who support these looters by providing our products to be sold at undercost. Please donot provide materials if your product is sold below cost. This will ultimately kill the MSME as we are making them powerful by selling or buying products through them. I understand we have no other option left other than to sell products through them. Let us think for few moments what we are going to achieve by supporting them. think again and decide for nation..
An appeal : THROUGH YOUR ESTEEMED MEDIA , WE REQUEST TO THE GOVERNMENT TO HAVE A DETAILED DISCUSSION WITH MSME, TRADE ASSOCIATIONS, BUREAUCRACY & CONCERNED MINISTRY TO CHALK OUT A BETTER STRATEGY FOR PERFECT BUSINESS ENVIRONMENT...I STRONGLY FEEL ANY WRONG POLICY OR MOVE TAKEN UNDER PRESSURE FROM A FEW GIANTS , WHO ARE STARVED FOR CAPITAL INFUSION FOR THEIR FUTURE SURVIVAL...I AM HOPEFUL THAT OUR PRIME MINISTER WILL NOT ALLOW ANY DISRUPTION OF THE PREVAILING SYSTEM OF RETAIL TRADING & SAFEGUARD MSME SECTION OF INDIAN SOCIETY..
THANKS A LOT.... WITH KINDEST REGARDS...
SAJJAN RAJ MEHTA
TRADE ACTIVIST
09845501150
EX.PRESIDENT..KARNATAKA HOSIERY & GARMENT ASSN.
VICE CHAIRMAN..INTERNAL TRADE COMMITTEE.. FKCCI..BLORE
MEMBER...CAIT...DELHI
MEMBER...BHARTIYA UDHYOG VYAPAR MANDAL..DELHI
समूचे हिंदुस्तान में भी गौ-हत्या निषेध कानून पारित हो
प्रेस-समाचार
समूचे हिंदुस्तान
में भी गौ-हत्या निषेध कानून पारित हो
गौ विश्व क़ी माता है.
कटती गाय करे पुकार,बंद करो यह अत्याचार..
देश पर शासन वह करेगा जो गौ हत्या बंद करेगा..
सब सज्जनों क़ी यही पुकार,गौ हत्या अब नहीं स्वीकार
इश्वर की इस महान विभूति "गौ माता"को विकृत करने का हमें कोई
अधीकार नहीं है और वह भी उदर-पोषण मात्र के लिए..कतई
नहीं..सभ्य समाज का कोई नागरिक यह घोर अत्याचार kis
i
कीमत पर बर्दाश्त नहीं कर पायेगा..कातरता से ताकते हुए पशुओकी हत्या या उन पर प्रहार मात्र भी न्रशुन्श्ता का परिचय है..इश्वरकी कृतियों को प्यार करना ही इश्वर की सबसे बड़ी आराधना है
यदि हम केवल जीव मात्र के प्रति दया.करुणा,स्नेह आदि का
व्यवहार करे तो भगवन हम पर प्रस्सन होंगे..कल्पना करे कि आज
जो "सेव बाघ" कि धूम पुरे देश में मची है,वह कल गौ माता के लिए
नहीं चलानी पड़े..एक एक गाय की निर्मम हत्या आने वाले कल को
काफी भरी पड़ेगी..तमाम सामाजिक और धार्मिक संगठनो का यह
पुनीत कर्त्तव्य है कि इस मुहिम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले और आरहे तमाम अवरोधों का विध्वंस कर दे ..जब सरकार इतनी
दरिया-दिली दिखा रहो तो जन-जन का सहयोग इस सत्कार्य को
भली-भांति अंजाम तक पहुंचा देगा वरना हाथ ही मलते रहजायेंगे..
सरकार से कर-बढ़ प्रार्थना है कि जन-हित में बन्दर
घुड़कियों को तवज्जो कतई ना दे तथा देशहित को ध्यान में रखतेहुए पशु-धन की रक्षार्थ कठोरता से निर्णय को असली जामापहनाये..देश के निर्माण सूत्र में तीन शब्द महत्वपूर्ण है
निर्णयन,उन्मूलन और संवर्धन..
प्रधान मंत्रीजी
जी को चाहिए कि सभीपक्षों को शांति-पूर्वक इस बारे में सहमति बनाने कि दशा में प्रेरितकरे और खुले दिल से बहस हो..सरकारे आती-जाती रहती है पर इसजीवन में सत्तासीन रहते हुए -हिन्दू संस्कृति कि रक्षा हेतु यदि
हलाहल का उफनता प्याला भी पीना पड़े, आग के दरिया में भी
कूदना पड़ जाए तो भी कभी नहीं हिचकिचाए..
आपके सानिध्य में यदि प्राण-दान के मूल्य पर भी
हिंदुस्तान
का मस्तक "गौ-हत्यानिषेध" के कारण विश्व के समक्ष ऊँचा कर पाएंगे तो आपका जीवनधन्य-धन्य हो जाएगा..गौ-माताओं को आपके द्वारा प्रदत यहअभय-दान हिंदुस्तान में स्वर्णाक्षरों में मढ़ा जाएगा..और फिरगौ-हत्या निषेध क़ी बात हिंदुस्तान में नहीं तो और कहाँ शोभनीयहोगी..महान उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंदजी ने ठीक ही फरमाया है; कि अहंकार शुन्य होकर एवं वैयक्तिक लाभ को ध्यान में नारखकर की गई समाज सेवा ही श्रेयस्कर है;
- .. :
आशा ही नहीं परम विशवास है कि महामहिम महोदय जनहित में कोई भी राजनितिक दबाव के आगे विपरीत फैसला नहीं सुनायेंगे और करोंडो गौ-प्रेमी बंधुओ कि दुआएं हासिल करेंगे..अहिंसा परमो धर्म ;..
छिद्रय्मय हो नाव,डग-मग चल रही मंज्धार में,
दुर्भाग्य से जो पड़ गई ,दुर्देव के अधिकार में,
तब शरण होगा कौन, जब नाविक दुबाड़े धार में,
संयोग सब अशरण ,शरण कोई नहीं संसार में..
धन्यवाद ...
पूर्व अध्यक्ष ..जैन युवा संगठन ..बन्गलोर
सामजिक कार्यकर्ता
9845501150
C.C.
TO
THE PRIME MINISTER
THE GOVERNOR,KARNATAKA
THE CHIEF MINISTER,KARNATAKA
THE UNION FINANCE MINISTER
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